सट्टेबाजी के मामले में गिरफ्तार विंदू दारा सिंह के बयानों को लेकर मुंबई पुलिस जो भी दावे कर रही हो लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान मीडिया के सवालों पर विंदू ने गुरुनाथ मयप्पन का जमकर बचाव किया। विंदू ने कहा कि सट्टेबाजी में गुरुनाथ मय्प्पन की कोई भूमिका नहीं है।
विंदू के बयान के बाद गुरुनाथ मयप्पन राहत की सांस ले सकते हैं क्योंकि मुंबई पुलिस ने विंदू के बयान के आधार पर ही मयप्पन को गिरफ्तार किया था। ऐसे में विंदू के ताजा बयान ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं हालांकि पुलिस का दावा है कि उसके पास विंदू और मयप्पन के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।पुलिस के मुताबिक उसके पास विंदू और मयप्पन की बातचीत के कॉल रिकॉर्ड हैं। इसके अलावा विंदू और सट्टेबाजों की बातचीत का भी रिकॉर्ड है। साथ ही पुलिस के पास विंदू की डायरी भी है जिसमें सट्टेबाजों से जुड़े सबूत मौजूद हैं। विंदू दारा सिंह भले ही अपने पर लगे सभी आरोपों से इनकार कर रहे हों लेकिन मुंबई क्राइम ब्रांच के पास कई ऐसे सबूत हैं जिससे ये साफ होता है कि विंदू सट्टेबाजी के इस खेल में शुरू से ही शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि विंदू दारा सिंह क्रिकेटरों और अंपायर को लड़कियां तक सप्लाई करता था। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि इस मामले में अभी विंदू से पूछताछ बाकी है जिसके बाद कोर्ट ने विंदू, सट्टेबाज प्रेम तनेजा और अल्पेश पटेल को 31 मई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। उधर विंदू की पत्नी ने पति को बेगुनाह बताते हुए पूरे उसे मामले में फंसाने का आरोप लगाया है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान विंदू ने बताया कि अंपायर असद रऊफ भारत आने पर बुकियों के दिए सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था। विंदू ने ये भी कबूल किया कि उसने खुद असद रऊफ का भारतीय सिमकार्ड नष्ट किया है। मुंबई पुलिस को उम्मीद है कि विंदू, मयप्पन और बुकियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने से सट्टेबाजी और सेक्स रैकेट से जुड़ी कई और कड़ियों का खुलासा हो सकता है।






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